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Monday, 2nd Mar, 2026
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा के काफी पहले से ही जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया था. इस आधार पर उसे उम्मीद है कि दलितों के प्रभाव वाली विधानसभा सीटों पर उसके प्रदर्शन में सुधार होगा. दिल्ली की 70 सदस्यों वाली विधानसभा में अनुसूचित जाति के लिए 12 सीटें आरक्षित हैं. पिछले दो विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने इन सभी 12 सीटों पर जीत दर्ज की है. दिल्ली में एससी के लिए आरक्षित सीटों पर बीजेपी का सबसे अच्छा प्रदर्शन 1993 में रहा था, जब उसने 13 में से आठ सीटों पर जीत दर्ज की थी.दिल्ली में कांग्रेस एक बार और आम आदमी पार्टी लगातार दो बार इन सभी सीटों को जीत चुकी है.
नई दिल्ली:
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा के काफी पहले से ही जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया था. इस आधार पर उसे उम्मीद है कि दलितों के प्रभाव वाली विधानसभा सीटों पर उसके प्रदर्शन में सुधार होगा. दिल्ली की 70 सदस्यों वाली विधानसभा में अनुसूचित जाति के लिए 12 सीटें आरक्षित हैं. पिछले दो विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने इन सभी 12 सीटों पर जीत दर्ज की है. दिल्ली में एससी के लिए आरक्षित सीटों पर बीजेपी का सबसे अच्छा प्रदर्शन 1993 में रहा था, जब उसने 13 में से आठ सीटों पर जीत दर्ज की थी.दिल्ली में कांग्रेस एक बार और आम आदमी पार्टी लगातार दो बार इन सभी सीटों को जीत चुकी है.
दिल्ली में एससी के लिए आरक्षित 12 सीटों के अलावा करीब ढाई दर्जन ऐसी सीटें हैं, जिन पर दलित समुदाय के मतदाता 17 से 45 फीसद तक हैं. बीजेपी नेताओं के मुताबिक 12 आरक्षित सीटों के अलावा, राजेंद्र नगर, चांदनी चौक, आदर्श नगर, शाहदरा, तुगलकाबाद, बिजवासन सहित 18 अन्य सीट हैं, जहां अनुसूचित जाति समुदाय के वोट 25 फीसद तक हैं. बीजेपी ने इन सीटों को जीतने का लक्ष्य बनाया है. इन सीटों पर बीजेपी ने पिछले कई महीनों से काम किया है.
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