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Monday, 2nd Mar, 2026
यह हठयोगी बाबा एक झूले को पकड़े रहते हैं और खड़े रहते हैं. महाराज पिछले छह साल से लगातार खड़े हैं, यानी कि वे चौबीसों घंटे खड़े रहते हैं. उन्होंने बताया कि यह जनकल्याण के लिए हठयोग है. उनसे जब रात में सोने के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि वे रात में ऐसे ही आराम कर लेते हैं. झूले में आराम नहीं होता तो टेबिल पकड़कर खड़े-खड़े आराम करते हैं.
यह हठयोगी बाबा एक झूले को पकड़े रहते हैं और खड़े रहते हैं. महाराज पिछले छह साल से लगातार खड़े हैं, यानी कि वे चौबीसों घंटे खड़े रहते हैं. उन्होंने बताया कि यह जनकल्याण के लिए हठयोग है. उनसे जब रात में सोने के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि वे रात में ऐसे ही आराम कर लेते हैं. झूले में आराम नहीं होता तो टेबिल पकड़कर खड़े-खड़े आराम करते हैं.
उन्होंने बताया कि वे पहले भी आठ साल तक यही हठयोग कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि जनकल्याण, जनहित मांगा है, उसी के लिए खड़े हैं. धर्म की जय हो, विश्व का कल्याण हो.
पर्यावरण बिगड़ने से वे चिंतित हैं. उन्होंने कहा कि, धुएं से मेरी हालत खराब हो गई है, आंखों में दर्द होता है. प्रकृति में धुआं बहुत हो गया है.
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